Join WhatsApp
संध्या किरण योजना
Vinit
20 August 2026

संध्या किरण योजना

कर्नाटक कैबिनेट ने ‘संध्या किरण’ योजना को दी मंजूरी: पेंशनर्स को हर साल ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज

कर्नाटक सरकार ने राज्य के सरकारी पेंशनर्स, फैमिली पेंशनर्स और पात्र आश्रितों के लिए ‘संध्या किरण’ (Sandhya Kiran) कैशलेस हेल्थकेयर योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर मिलेगा।

यह योजना विशेष रूप से 70 वर्ष से कम उम्र के राज्य सरकारी पेंशनर्स, फैमिली पेंशनर्स और पात्र आश्रितों के लिए बनाई गई है। शुरुआत में करीब 4.93 लाख लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसमें लगभग 3.11 लाख सरकारी पेंशनर्स शामिल हैं।

संध्या किरण योजना क्या है?

‘संध्या किरण’ एक योगदान आधारित (Contributory) कैशलेस हेल्थकेयर योजना है। इसका उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद बड़े मेडिकल खर्च के कारण पेंशनर्स पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।

इस योजना के तहत पात्र लाभार्थी empanelled यानी सूचीबद्ध अस्पतालों में सेकेंडरी, टर्शियरी और इमरजेंसी इलाज का लाभ ले सकेंगे। इलाज की पात्र लागत का भुगतान योजना के तहत कैशलेस तरीके से किया जाएगा।

योजना को Ayushman Bharat–Arogya Karnataka (AB-ArK) के ढांचे के तहत लागू किया जाएगा। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी Suvarna Arogya Suraksha Trust (SAST) की होगी।

₹5 लाख का हेल्थ कवर कैसे काम करेगा?

योजना की सबसे बड़ी खासियत है ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष का Family Floater Cover

इसका मतलब यह नहीं है कि परिवार के हर सदस्य को अलग-अलग ₹5 लाख मिलेंगे। बल्कि पात्र परिवार के सभी सदस्यों के लिए कुल वार्षिक सीमा ₹5 लाख होगी।

उदाहरण के लिए, अगर परिवार के किसी एक सदस्य के इलाज में ₹2 लाख खर्च होते हैं, तो बाकी पात्र खर्चों के लिए लगभग ₹3 लाख की सीमा बच सकती है, जो योजना के नियमों और पैकेज पर निर्भर करेगी।

योजना के तहत मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • सेकेंडरी हेल्थकेयर

  • टर्शियरी हेल्थकेयर

  • इमरजेंसी इलाज

  • सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार

  • AB-ArK के तहत कैशलेस प्रक्रिया

किन लोगों को मिलेगा लाभ?

संध्या किरण योजना के मुख्य लाभार्थी हैं:

1. राज्य सरकार के पेंशनर्स

70 वर्ष से कम उम्र के राज्य सरकारी पेंशनर्स योजना के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल हैं।

2. फैमिली पेंशनर्स

पात्र फैमिली पेंशनर्स भी इस योगदान आधारित स्वास्थ्य योजना का हिस्सा बन सकेंगे।

3. पात्र आश्रित

नोटिफाइड नियमों के तहत आने वाले पात्र आश्रितों को भी योजना का लाभ मिलेगा।

कुल मिलाकर शुरुआती चरण में लगभग 4.93 लाख लाभार्थियों को कवर किए जाने की उम्मीद है।

पेंशनर्स को कितना योगदान देना होगा?

यह योजना पूरी तरह से सरकार द्वारा मुफ्त में संचालित होने वाली योजना नहीं है। यह Contributory Model पर आधारित है, जिसमें लाभार्थी अपनी बेसिक पेंशन का एक निश्चित प्रतिशत योगदान करेंगे।

लाभार्थी मासिक योगदान
सर्विस पेंशनर बेसिक पेंशन का 1.25%
फैमिली पेंशनर बेसिक फैमिली पेंशन का 0.75%

उदाहरण: सर्विस पेंशनर

अगर किसी पेंशनर की बेसिक पेंशन ₹30,000 प्रति माह है:

₹30,000 × 1.25% = ₹375

यानी अनुमान के तौर पर उनका मासिक योगदान ₹375 होगा।

उदाहरण: फैमिली पेंशनर

अगर फैमिली पेंशन ₹30,000 प्रति माह है:

₹30,000 × 0.75% = ₹225

इस स्थिति में मासिक योगदान लगभग ₹225 होगा।

योजना का खर्च कैसे चलेगा?

संध्या किरण योजना में लाभार्थियों के योगदान के साथ कर्नाटक सरकार भी वित्तीय योगदान करेगी।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार योजना से लगभग ₹117 करोड़ का वार्षिक योगदान प्राप्त होने का अनुमान है, जबकि वार्षिक उपचार खर्च लगभग ₹81.75 करोड़ रहने का अनुमान है।

अनुमानित उपचार खर्च में:

  • करीब 70% यानी ₹57.22 करोड़ लाभार्थियों के योगदान से

  • करीब 30% यानी ₹24.53 करोड़ कर्नाटक सरकार द्वारा

दिया जाएगा।

इस तरह यह योजना पूरी तरह सरकारी खर्च पर निर्भर रहने के बजाय एक योगदान आधारित सामाजिक सुरक्षा स्वास्थ्य मॉडल के रूप में काम करेगी।

अगर मेडिकल खर्च बढ़ गया तो क्या होगा?

योजना में वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए एक व्यवस्था भी रखी गई है।

अगर योजना के फंड का उपयोग 85% से अधिक हो जाता है, तो योगदान दर में 0.05 प्रतिशत अंक यानी 5 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की जा सकती है।

इसका उद्देश्य भविष्य में मेडिकल खर्च अनुमान से ज्यादा बढ़ने की स्थिति में योजना को आर्थिक रूप से स्थिर बनाए रखना है।

योजना लागू कौन करेगा?

Suvarna Arogya Suraksha Trust (SAST) योजना को लागू करने की जिम्मेदारी संभालेगा।

इसके प्रमुख काम होंगे:

  • लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन

  • योगदान की वसूली

  • अस्पताल नेटवर्क का प्रबंधन

  • कैशलेस इलाज की व्यवस्था

  • क्लेम मैनेजमेंट

  • योजना की निगरानी

योजना के लिए पहले से मौजूद AB-ArK सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा।

पेंशनर्स के लिए यह योजना क्यों महत्वपूर्ण है?

रिटायरमेंट के बाद गंभीर बीमारी, सर्जरी या इमरजेंसी इलाज का खर्च किसी भी परिवार पर बड़ा आर्थिक बोझ डाल सकता है।

संध्या किरण योजना इस समस्या को एक सरल मॉडल के जरिए संबोधित करने की कोशिश करती है:

पेंशन से योगदान → कैशलेस अस्पताल → ₹5 लाख तक Family Floater Cover → इलाज के खर्च का वित्तीय सुरक्षा कवच

हालांकि ₹5 लाख की सीमा महत्वपूर्ण है, लेकिन लाभार्थियों को योजना की पात्रता, अस्पताल नेटवर्क, उपचार पैकेज और लागू नियमों का पालन करना होगा।

₹5 लाख Family Floater का मतलब क्या है?

यह बात समझना बहुत जरूरी है कि ₹5 लाख का कवर परिवार के हर सदस्य के लिए अलग-अलग नहीं है।

अगर परिवार में चार पात्र सदस्य हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है:

₹5 लाख × 4 सदस्य = ₹20 लाख

बल्कि पूरे पात्र परिवार के लिए कुल वार्षिक सीमा ₹5 लाख है।

इसलिए परिवार जरूरत के अनुसार इस सीमा का इस्तेमाल कर सकता है।

संध्या किरण योजना: एक नजर में

विशेषता जानकारी
राज्य कर्नाटक
मंजूरी कर्नाटक कैबिनेट
योजना का प्रकार योगदान आधारित कैशलेस हेल्थकेयर
मुख्य लाभार्थी 70 वर्ष से कम सरकारी पेंशनर्स, फैमिली पेंशनर्स और पात्र आश्रित
शुरुआती लाभार्थी लगभग 4.93 लाख
पेंशनर्स लगभग 3.11 लाख
वार्षिक कवर ₹5 लाख प्रति परिवार
कवर का प्रकार Family Floater
इलाज सेकेंडरी, टर्शियरी और इमरजेंसी
सर्विस पेंशनर योगदान 1.25% बेसिक पेंशन
फैमिली पेंशनर योगदान 0.75% बेसिक फैमिली पेंशन
फ्रेमवर्क AB-ArK
लागू करने वाली संस्था Suvarna Arogya Suraksha Trust
अनुमानित वार्षिक योगदान लगभग ₹117 करोड़
अनुमानित वार्षिक उपचार खर्च लगभग ₹81.75 करोड़

पेंशनर्स को आगे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

कैबिनेट की मंजूरी के बाद योजना के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण होगी। पेंशनर्स को आगे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, सूचीबद्ध अस्पतालों, योगदान कटौती, पात्र आश्रितों, कवर होने वाली प्रक्रियाओं और क्लेम नियमों से संबंधित आधिकारिक दिशानिर्देशों पर नजर रखनी चाहिए।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि ₹5 लाख का मतलब हर प्रकार के मेडिकल खर्च का स्वतः कवर होना नहीं है। इलाज AB-ArK के लागू पैकेज, दरों और योजना की शर्तों के अनुसार होगा।

निष्कर्ष

कर्नाटक की संध्या किरण योजना राज्य के सरकारी पेंशनर्स और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा पहल है। योजना में पात्र परिवारों को हर साल ₹5 लाख तक का कैशलेस हेल्थ कवर मिलेगा और यह AB-ArK व्यवस्था के माध्यम से संचालित होगी।

पेंशनर्स के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में उन्हें इलाज का पूरा खर्च पहले अपनी जेब से देने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि रजिस्ट्रेशन कितना आसान होता है, कितने अस्पताल नेटवर्क में शामिल होते हैं और जरूरत के समय कैशलेस इलाज कितनी आसानी से उपलब्ध होता है।

Back to Blog