राजस्थान में बारिश क्यों रुक गई? क्या 2026 में पड़ेगा सूखा? पूरी रिपोर्ट
क्या राजस्थान में इस बार बारिश नहीं होगी? जानिए 2026 के मानसून की पूरी सच्चाई, कारण, प्रभाव और आगे क्या होगा
क्या सच में राजस्थान में इस बार बारिश नहीं होगी?
पिछले कुछ दिनों से राजस्थान के कई जिलों में लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं – "क्या इस बार मानसून खत्म हो गया?", "क्या बारिश नहीं होगी?" या "क्या 2026 सूखे का साल बनने वाला है?"
इसका सीधा जवाब है – नहीं।
राजस्थान में बारिश पूरी तरह बंद नहीं हुई है, लेकिन मानसून फिलहाल कमजोर (Break Monsoon Phase) हो गया है। यही कारण है कि कई जिलों में तेज धूप, उमस और गर्मी फिर से बढ़ गई है।
आखिर राजस्थान में बारिश क्यों रुक गई?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून एक सीधी रेखा में लगातार बारिश नहीं कराता।
इसके बीच-बीच में कुछ दिन ऐसे आते हैं जब बारिश की गतिविधियां काफी कम हो जाती हैं। इसे मौसम विज्ञान की भाषा में Break in Monsoon कहा जाता है।
ऐसे समय में—
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बादल कम बनते हैं।
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बारिश वाले सिस्टम कमजोर पड़ जाते हैं।
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तापमान बढ़ जाता है।
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उमस काफी ज्यादा महसूस होती है।
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कई जिलों में केवल हल्की बूंदाबांदी होती है।
यही स्थिति अभी राजस्थान सहित उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल रही है।
क्या पूरे राजस्थान में एक जैसी स्थिति है?
बिल्कुल नहीं।
राजस्थान बहुत बड़ा राज्य है और यहां हर क्षेत्र में मानसून का व्यवहार अलग होता है।
पूर्वी राजस्थान
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जयपुर
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कोटा
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भरतपुर
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दौसा
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अलवर
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करौली
इन क्षेत्रों में सामान्यतः पश्चिमी राजस्थान की तुलना में अधिक बारिश होती है।
पश्चिमी राजस्थान
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जैसलमेर
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बाड़मेर
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बीकानेर
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जोधपुर
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फलोदी
इन जिलों में सामान्य वर्षों में भी बारिश कम होती है।
इसलिए यदि यहां कुछ दिनों तक बारिश नहीं होती तो इसका मतलब यह नहीं कि मानसून खत्म हो गया।
इस बार मानसून कमजोर क्यों पड़ा?
इसके पीछे कई मौसम संबंधी कारण हैं।
1. Monsoon Trough का उत्तर की ओर खिसकना
मानसून की मुख्य रेखा (Monsoon Trough) जब हिमालय की ओर चली जाती है तो राजस्थान जैसे क्षेत्रों में बारिश कम हो जाती है।
2. Low Pressure System का कमजोर होना
बारिश का सबसे बड़ा कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से बनने वाले Low Pressure Systems होते हैं।
जब ये सिस्टम कम बनते हैं तो राजस्थान तक पर्याप्त नमी नहीं पहुंच पाती।
3. Madden-Julian Oscillation (MJO)
यह वैश्विक मौसम प्रणाली मानसून को मजबूत या कमजोर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
IMD के अनुसार वर्तमान समय में इसका प्रभाव पश्चिमी और उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश कम करने वाला रहा है।
क्या IMD ने पूरे सीजन के लिए बारिश खत्म होने की बात कही है?
नहीं।
IMD ने केवल अगले कुछ दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना जताई है।
इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं कि पूरे मानसून सीजन में बारिश नहीं होगी।
क्या आगे फिर अच्छी बारिश हो सकती है?
हाँ।
भारत में मानसून कई चरणों में सक्रिय और कमजोर होता रहता है।
हर वर्ष ऐसा होता है कि—
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कुछ सप्ताह बहुत ज्यादा बारिश होती है।
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फिर कुछ दिनों तक लगभग सूखा रहता है।
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उसके बाद दोबारा अच्छी बारिश लौट आती है।
इसलिए केवल एक सप्ताह की कम बारिश देखकर पूरे मानसून को असफल नहीं माना जा सकता।
किसानों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
यदि अगले 7–10 दिनों तक पर्याप्त बारिश नहीं होती तो इसका असर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है।
सबसे अधिक प्रभाव पड़ सकता है—
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बाजरा
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मूंग
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उड़द
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सोयाबीन
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मक्का
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कपास
जहां सिंचाई की सुविधा नहीं है वहां किसानों की चिंता बढ़ सकती है।
जलाशयों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
कम बारिश होने से—
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बांध धीरे भरेंगे।
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भूजल स्तर कम बढ़ेगा।
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तालाबों में पानी कम पहुंचेगा।
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पेयजल संकट की संभावना बढ़ सकती है यदि अगस्त में भी पर्याप्त बारिश न हो।
क्या यह Climate Change का असर है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण मानसून का पैटर्न पहले की तुलना में अधिक अनिश्चित हो गया है।
अब अक्सर देखा जाता है कि—
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कुछ दिनों में अत्यधिक बारिश होती है।
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फिर लंबे समय तक बिल्कुल बारिश नहीं होती।
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बारिश का वितरण असमान हो जाता है।
यानी कुल बारिश सामान्य हो सकती है, लेकिन उसका समय और स्थान बदल जाता है।
क्या 2026 सूखे का साल बन सकता है?
अभी ऐसा कहना जल्दबाजी होगी।
सूखा घोषित करने के लिए पूरे मानसून सीजन (जून से सितंबर) के आंकड़ों का विश्लेषण किया जाता है।
जुलाई के मध्य में केवल कुछ दिनों की कमी के आधार पर सूखे की घोषणा नहीं की जा सकती।
किन जिलों में सबसे ज्यादा चिंता है?
यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो विशेष रूप से इन क्षेत्रों में कृषि प्रभावित हो सकती है—
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हाड़ौती क्षेत्र
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शेखावाटी
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नागौर
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चूरू
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सीकर
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झुंझुनूं
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बीकानेर के कुछ हिस्से
हालांकि स्थिति जिले-दर-जिले अलग हो सकती है।
लोगों को क्या करना चाहिए?
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मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें।
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सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें।
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किसानों को स्थानीय कृषि विभाग की सलाह के अनुसार फसल प्रबंधन करना चाहिए।
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पानी की बचत करें।
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अत्यधिक गर्मी और उमस में पर्याप्त पानी पिएं।
निष्कर्ष
राजस्थान में इस समय मानसून कमजोर जरूर पड़ा है, लेकिन यह कहना गलत होगा कि इस बार बारिश नहीं होगी।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बारिश कम रह सकती है, लेकिन मानसून समाप्त नहीं हुआ है। यदि नए Low Pressure Systems बनते हैं और मानसून फिर सक्रिय होता है, तो राजस्थान के कई हिस्सों में दोबारा अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। इसलिए घबराने की बजाय आधिकारिक मौसम पूर्वानुमानों पर नजर रखना सबसे बेहतर रहेगा।
FAQ
क्या राजस्थान में इस बार मानसून खत्म हो गया है?
नहीं। मानसून केवल कुछ दिनों के लिए कमजोर हुआ है।
क्या आगे बारिश होगी?
हाँ, मौसम की परिस्थितियों के अनुसार आने वाले दिनों में फिर बारिश की संभावना बन सकती है।
क्या किसानों को चिंता करनी चाहिए?
यदि लंबे समय तक बारिश नहीं होती तो खरीफ फसलों पर असर पड़ सकता है, लेकिन अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
क्या यह सूखे की शुरुआत है?
अभी नहीं। पूरे मानसून सीजन के आंकड़ों के बाद ही ऐसी स्थिति का आकलन किया जाता है।
क्या मौसम विभाग ने बारिश न होने की चेतावनी दी है?
नहीं। IMD ने केवल अगले कुछ दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की बात कही है, पूरे सीजन के लिए नहीं।
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