Rajasthan State Testing Agency News 2026: राजस्थान में बनेगी स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, SET, REET, PTET समेत प्रवेश परीक्षाएं CBT मोड में कराने की तैयारी
राजस्थान में विभिन्न प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। Rajasthan State Testing Agency News के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर राजस्थान में State Testing Agency (STA) स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग की टीम ने ड्राफ्ट तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुसार राजस्थान में होने वाली कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं को एक केंद्रीय परीक्षा व्यवस्था के तहत आयोजित किया जा सकेगा। इससे परीक्षा आयोजन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और समय पर परिणाम जारी करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
NTA की तर्ज पर बनेगी राजस्थान की STA
राजस्थान सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से State Testing Agency यानी STA बनाने के लिए ड्राफ्ट तैयार किया गया है। यह एजेंसी राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा आयोजित करने वाली NTA की तर्ज पर विभिन्न परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी संभाल सकती है।
समाचार रिपोर्ट के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग की टीम ने NTA के कामकाज और परीक्षा संचालन व्यवस्था का अध्ययन किया है। इसी आधार पर राजस्थान के लिए प्रस्तावित स्टेट टेस्टिंग एजेंसी का प्रारूप तैयार किया गया है।
प्रस्तावित व्यवस्था में अलग-अलग विभागों और विश्वविद्यालयों की ओर से आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षाओं को एक ही एजेंसी के माध्यम से कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे अलग-अलग परीक्षाओं के आयोजन में आने वाली व्यवस्थागत परेशानियों को कम किया जा सकता है।
SET, REET और PTET जैसी परीक्षाएं हो सकती हैं शामिल
प्रस्ताव के अनुसार स्टेट टेस्टिंग एजेंसी के माध्यम से राजस्थान में होने वाली कई प्रमुख परीक्षाओं को आयोजित कराया जा सकता है। इनमें पात्रता, प्रवेश और अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाएं शामिल हो सकती हैं।
- SET – Rajasthan State Eligibility Test
- REET – Rajasthan Eligibility Examination for Teachers
- PTET – Pre Teacher Education Test
- Pre D.El.Ed – प्री डीएलएड प्रवेश परीक्षा
- JET – कृषि से संबंधित प्रवेश परीक्षा
- विश्वविद्यालयों की विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षाएं
इसके अलावा विश्वविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होने वाली विभिन्न परीक्षाओं को भी इस व्यवस्था के तहत लाने की तैयारी की जा रही है।
विश्वविद्यालयों के प्रवेश परीक्षण, राज्य पात्रता परीक्षा, कृषि से जुड़ी प्रवेश परीक्षा और अन्य संबंधित परीक्षाओं को भी प्रस्तावित एजेंसी के माध्यम से कराने पर विचार किया जा रहा है।
CBT मोड में होंगी परीक्षाएं
नई व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता Computer Based Test (CBT) मोड हो सकती है। इसके तहत अभ्यर्थियों को कंप्यूटर पर परीक्षा देनी होगी।
परीक्षा के लिए राजस्थान के अलग-अलग जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाने की योजना हो सकती है, जिससे अभ्यर्थियों को अपने नजदीकी जिले में परीक्षा देने की सुविधा मिल सके।
कंप्यूटर आधारित परीक्षा होने से प्रश्नपत्र तैयार करने, परीक्षा आयोजित करने और उत्तरों के मूल्यांकन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित किया जा सकता है। साथ ही परीक्षा के परिणाम भी पहले की तुलना में जल्दी जारी करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
- परीक्षा आयोजन में एकरूपता
- उत्तर जांचने की प्रक्रिया तेज होना
- परिणाम जल्दी जारी करने में मदद
- परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ना
- प्रश्नपत्र की छपाई और परिवहन की आवश्यकता कम होना
हर साल लाखों विद्यार्थी देते हैं प्रवेश परीक्षाएं
राजस्थान में हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी अलग-अलग पाठ्यक्रमों और संस्थानों में प्रवेश के लिए परीक्षाएं देते हैं। वर्तमान में कई परीक्षाएं अलग-अलग विश्वविद्यालयों या संस्थाओं की ओर से आयोजित की जाती हैं।
ऐसी स्थिति में परीक्षा की अलग-अलग व्यवस्थाओं के कारण विद्यार्थियों को अलग-अलग आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न और परीक्षा केंद्रों से संबंधित नियमों का सामना करना पड़ता है।
यदि स्टेट टेस्टिंग एजेंसी का गठन होता है तो कई परीक्षाओं को एक केंद्रीय व्यवस्था के तहत लाया जा सकता है। इससे परीक्षा आयोजन की प्रक्रिया में एकरूपता आने के साथ विद्यार्थियों के लिए भी आवेदन और परीक्षा संबंधी व्यवस्था आसान होने की उम्मीद है।

पेपर लीक पर भी लग सकती है रोक
स्टेट टेस्टिंग एजेंसी के गठन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना भी माना जा रहा है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा होने से प्रश्नपत्रों की छपाई और उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने जैसी पारंपरिक प्रक्रिया को कम किया जा सकता है।
इससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि केवल CBT मोड लागू करने से पेपर लीक की समस्या पूरी तरह समाप्त होने की गारंटी नहीं होती।
इसके लिए परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्था, अभ्यर्थियों का पहचान सत्यापन, सर्वर सुरक्षा और निगरानी की मजबूत व्यवस्था भी जरूरी होगी।
राजस्थान STA बनने से क्या बदलाव हो सकते हैं?
यदि राजस्थान में State Testing Agency का गठन होता है और प्रस्तावित व्यवस्था लागू की जाती है, तो कई परीक्षाओं के आयोजन का तरीका बदल सकता है।
- कई परीक्षाएं एक केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से आयोजित हो सकती हैं।
- परीक्षाओं को https://skillsiksha.in/CBT मोड में कराने की दिशा में बदलाव हो सकता है।
- परीक्षा प्रक्रिया में एकरूपता आने की संभावना है।
- परिणाम जारी करने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
- परीक्षा आयोजन में पारदर्शिता बढ़ सकती है।
- प्रश्नपत्र की छपाई और परिवहन से जुड़ी प्रक्रिया कम हो सकती है।
अभी ड्राफ्ट तैयार हुआ है, अंतिम फैसला बाकी
फिलहाल राजस्थान में State Testing Agency स्थापित करने का प्रस्ताव ड्राफ्ट स्तर पर है। उच्च शिक्षा विभाग की टीम ने इसका प्रारूप तैयार किया है और संबंधित स्तर पर आगे की प्रक्रिया की जा रही है।
इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि कौन-कौन सी परीक्षाएं निश्चित रूप से STA के माध्यम से आयोजित होंगी और नई व्यवस्था कब से लागू होगी।
सरकार की ओर से अंतिम मंजूरी, नियम और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। यदि प्रस्ताव लागू होता है तो राजस्थान में SET, REET, PTET, प्री डीएलएड, JET और विश्वविद्यालयों की विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन के तरीके में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।
Rajasthan State Testing Agency News: निष्कर्ष
राजस्थान में NTA की तर्ज पर State Testing Agency बनाने की तैयारी परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। प्रस्ताव लागू होने पर कई पात्रता और प्रवेश परीक्षाओं को एक केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से CBT मोड में कराया जा सकता है।
हालांकि अभी यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू नहीं हुआ है। इसलिए अभ्यर्थियों को STA से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए राजस्थान सरकार, उच्च शिक्षा विभाग और संबंधित परीक्षा संस्था की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।